ननकट्ठी सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा कर सुनी सावित्री-सत्यवान की कथा
आनंद साहू #+91 99772 13194
ननकट्ठी: क्षेत्र में सोमवार को ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर वट सावित्री व्रत श्रद्धा और विधि-विधान से मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखकर वट (बरगद) वृक्ष की पूजा की।

सुबह से ही पारंपरिक परिधान में महिलाएं विभिन्न स्थलों पर स्थित वट वृक्षों के पास एकत्रित हुईं। उन्होंने पूजा की थाली सजाई, व्रत का संकल्प लिया और विधिवत पूजा शुरू की। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच महिलाओं ने सफेद धागा लेकर वट वृक्ष की परिक्रमा की और पेड़ के चारों ओर धागा लपेटा। इसके पश्चात सावित्री-सत्यवान की पौराणिक कथा श्रवण किया गया और मंगल आरती के साथ व्रत का समापन किया गया।
ग्राम पुरोहितों के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में महिलाओं ने बताया कि वे इस व्रत के लिए वर्ष भर प्रतीक्षा करती हैं। यह व्रत नारी शक्ति के समर्पण और आस्था का प्रतीक माना जाता है।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, वट वृक्ष में त्रिदेव – ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। ब्रह्मा जड़ में, विष्णु तने में और शिव शीर्ष भाग में निवास करते हैं। इसी कारण इस वृक्ष की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
व्रत के दौरान व्रतिनी महिलाओं ने दिनभर निर्जल उपवास रखा और अंत में वट वृक्ष की कोंपल को प्रसाद रूप में ग्रहण कर व्रत पूर्ण किया। पूजा के साथ ही क्षेत्र में अध्यात्म और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।










