12 पवित्र शिवधामों के दर्शन एक ही स्थान पर
आनंद साहू ननकट्ठी। श्रावण मास की पावन बेला, चारों ओर “हर हर महादेव” की गूंज, और भक्तों की श्रद्धा का असीम सागर—यह दृश्य है ननकट्ठी के समीप ग्राम मेडेसरा का, जहाँ विराजमान हैं भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों के दिव्य स्वरूप।

श्रद्धा और शांति का संगम
देशभर में फैले सोमनाथ से लेकर रामेश्वरम तक के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन अब संभव हो पाए हैं एक ही स्थान पर, मेडेसरा गांव में। यह स्थान उन असंख्य श्रद्धालुओं के लिए वरदान बन गया है जो आर्थिक या भौगोलिक कारणों से मूल ज्योतिर्लिंग स्थलों तक नहीं पहुंच पाते।
स्थापना का संकल्प और साधना
यह अध्यात्मिक धरोहर ध्रुव कुमार शर्मा एवं श्रीमती सुनीता शर्मा के संरक्षण और मार्गदर्शन में 15 जून 2014 को स्थापित की गई थी। उन्होंने इस कार्य को भगवान की प्रेरणा और जनसेवा का माध्यम मानते हुए इसे मूर्त रूप दिया।

भक्ति की धारा बनी कांवर यात्रा
इस वर्ष 20 जुलाई को श्रावण की विशेषता बनी भव्य कांवड़ यात्रा, जिसमें ग्रामवासियों सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवा वस्त्र धारण कर शिवनाथ नदी से जल लेकर “बोल बम” के नारों के साथ भोलेनाथ का महाभिषेक किया। इस पावन अवसर पर वातावरण शिवमय हो उठा।
स्थानीय निवासी चैतराम साहू ने बताया कि हर वर्ष श्रावण मास और महाशिवरात्रि पर यहाँ पर विशेष पूजन, रुद्राभिषेक और भंडारे का आयोजन किया जाता है। हर आयु वर्ग के भक्त यहां आकर आध्यात्मिक ऊर्जा और आंतरिक शांति का अनुभव करते हैं।
धार्मिक पर्यटन और ग्राम गौरव का प्रतीक बनता मेडेसरा
द्वादश ज्योतिर्लिंगों का यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनता जा रहा है, बल्कि यह ग्राम मेडेसरा को एक आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में भी स्थापित कर रहा है।












