स्थानीय सतनाम भवन ग्राम अरसनारा में संत शिरोमणि बाबा गुरू घासीदास की 268वीं जयंती बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में बाबा गुरू घासीदास की प्रतिमा पर द्वीप प्रज्जवलित एवं माल्यार्पण तथा चौका पूजन किया गया। शाम 4 बजे सतनाम भवन से सतनामी समाज के द्वारा धुमाल, डीजे एवं पंथी नृत्य के साथ शोभायात्रा निकाली गई। जो मुख्य मार्ग से होती हुई पुनः वापस सतनाम भवन में समापन हुई। शोभायात्रा वापसी के पश्चात जय स्तम्भ में ध्वज चढ़ाया गया और खीर पूड़ी का प्रसाद वितरण किया गया। पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से सतनाम भवन अरसनारा में बाबा जी की जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। बाबा गुरु घासीदास की विचारधारा मनखे- मनखे एक समान का सिद्धांत वाक्य प्रतिपादित करने वाले, उनके उपदेशों एवं वचनों के चिंतन से उनके प्रगतिशीतला एवं अनुभवन जन्य विचारधारा की अनुभूति होती है। बाबा जी को एक संप्रदाय अथवा पंथ में सीमित नहीं किया जा सकता बल्कि वे सर्व समाज के मार्गदर्शक एवं आस्था के व्यक्तित्व हैं।

मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा यादव, रूबी चंदेल, चंद्रमणी मिश्रा (टंकेश्वरी मेटल), सरपंच तोषन साहू, उपसरपंच बीरबल मार्कण्डेय,जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने पूरी दुनिया को सत्य अहिंसा सामाजिक सद्भावना के साथ शांति का संदेश दिया है l बाबा ने शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही सामाजिक समरसता और मनुष्यों के उत्थान की दिशा में काम किया है l उनका जीवन दर्शन और विचार मूल्य पूरी मानव जाति के लिए कल्याणकारी और अनुकरणीय है l
असरनारा सरपंच तोषन साहू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाबा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा ने पूरे समाज में सत्य की महत्ता को प्रतिपादित करते हुए समतामूलक समाज की स्थापना का मार्ग दिखाया है।

चन्दमणि मिश्रा ने कहा नवयुवकों को नशापान से दूर रहने,बाबा जी के बताये हुए रास्ता पर चलना चाहिए। साथ ही हर कार्य पर आपसी भाईचारे को ध्याान में रखकर हर कार्यक्रम को सफल बनाए रखने की अपील की।
संत शिरोमणि बाबा गुरू घासीदास की जयंती अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा यादव, रूबी चंदेल, चंद्रमणी मिश्रा (टंकेश्वरी मेटल), सरपंच तोषन साहू, उपसरपंच बीरबल मार्कण्डे, युवा सतनाम संगठन अरसनारा, उत्तम गायकवाड़, निखिल गायकवाड़, अश्वनी गायकवाड़, अमन खुटेल, भूपेन्द्र महिलांग, सोमलाल, कुलेश्वर चंदेल, चंदन महिलांग, अजित जांगड़े सहित समाज के सैकड़ों लोग शामिल रहे।











