छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माता कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में छत्तीसगढ़ के हजारों ग्राम पंचायत में अटल चौरा बनाये गये हैं। इन चबूतरों का न रख-रखाव हो रहा है, न ही पुराने प्रस्ताव के हिसाब से चबूतरे के मध्य बनाए गए स्तंभ में अटल जी की मूर्ति स्थापित की जा रही है। लगभग सभी ग्राम पंचायतों के अटल स्मारक उपेक्षित पड़े हैं, यह दिवंगत प्रधानमंत्री का अपमान है। किसी भी चबूतरे में अब तक नहीं लग पाई अटल की प्रतिमा।

ज्ञात हो कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य अस्तित्व में आया। उस समय देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई थे। उनके प्रयास से ही शांतिपूर्ण तरीके से उनके कार्यकाल में छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड राज्य अस्तित्व में आए। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य अस्तित्व में आया पर अब तक उपेक्षा जारी।
छत्तीसगढ़ राज्य में जब वर्ष 2003-04 में भाजपा की सरकार आई, तब यहां के हर ग्राम पंचायत में अटल चौरा बनाया गया। उस समय स्तंभ के ऊपर अटल जी की प्रतिमा लगाने का भी प्रस्ताव था, किंतु बीते 20 साल में यह नहीं हो पाया।
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के 11 हजार 664 ग्राम पंचायतों में अटल चौरा बनाया गया है। जो नवंबर 2023 तक उपेक्षित पड़े रहे। जैसे ही दिसंबर 2023 में प्रदेश में पुनः भाजपा की सरकार आई। गांव-गांव के अटल चौक में रंग रोगन किया गया किंतु टूटे-फूटे अधिकांश चबूतरे की मरम्मत नहीं की गई। पुराने प्रस्ताव के हिसाब से किसी भी अटल चौरा में एक भी स्थानीय जन प्रतिनिधि ने अटल जी की मूर्ति लगवाने का प्रयास नहीं किया।











