ननकट्ठी । ग्राम ननकट्ठी सहित आस-पास के ग्रामीण अंचल इन दिनों बिजली संकट से जूझ रहे हैं। दिन में 10 से 12 बार बिजली का आना-जाना अब आम बात हो गई है, वहीं रात में बिजली गुल हो जाने पर घंटों तक वापस नहीं आती। इस अघोषित कटौती ने ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है।
- करंजाभिलाई ग्रामीण: ब्रेकडाउन अरसनारा, रवेलीडीह, डोमा, पथरिया
- ननकट्ठी ज़ोन: ननकट्ठी, सगनी, परसदा, कोडिया

मेंटेनेंस के बावजूद नहीं हुआ सुधार
बिजली विभाग ने मानसून से पहले क्षेत्र में मेंटेनेंस कार्य करने के लिए कई घंटे बिजली बंद रखी, लेकिन इसका कोई सकारात्मक परिणाम देखने को नहीं मिला। बिजली की आंख मिचौली आज भी उसी रफ्तार से जारी है। इससे लोगों में विभाग के प्रति भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है।
स्टाफ की भारी कमी, व्यवस्था चरमराई
33/11 के. व्ही. उपकेन्द्र ननकट्ठी (815 एम.व्ही.ए.) में वर्तमान में मात्र कुछ कर्मचारी ही कार्यरत हैं, जिनके भरोसे पूरा उपकेन्द्र और दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति संचालित की जा रही है। विभाग में लाईनमैन की भारी कमी है। बिजली बंद होने की सूचना देने पर कर्मचारी अक्सर “लाईनमैन नहीं है” कहकर लाचारगी जताते हैं।
तेज हवा-तूफान से ब्रेकडाउन की भरमार
इन दिनों अचानक मौसम बदलने, तेज हवा और बारिश के चलते अक्सर ब्रेकडाउन की स्थिति बन रही है।
इस सबके बीच कर्मचारियों की कमी के चलते मरम्मत कार्य समय पर नहीं हो पाता, जिससे कई गांव घंटों और कई बार पूरे दिन तक अंधेरे में डूबे रहते हैं।
राहत के संसाधन भी हुए फेल
बिजली कटौती के कारण इन्वर्टर, पंखे, मोबाइल चार्जिंग जैसी दैनिक सुविधाएं भी ठप हो गई हैं। किसानों की मोटरें नहीं चल पा रही हैं और दुकानदारों का व्यवसाय ठप पड़ गया है। गर्मी और उमस में ग्रामीणों की परेशानी दोहरी हो गई है।
प्रशासन से मांग — जल्द हो स्थायी समाधान
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से स्टाफ बढ़ाने, नियमित आपूर्ति बहाल करने और ब्रेकडाउन की शीघ्र मरम्मत के लिए विशेष टीम बनाने की मांग की है










