Sunday, February 1, 2026
https://nbnews.co.in/wp-content/uploads/2025/09/patti-scaled.png
Homeखेलमिनी स्टेडियम का सपना 14 वर्ष में भी नहीं हुआ पूरा, हतोत्साहित...

मिनी स्टेडियम का सपना 14 वर्ष में भी नहीं हुआ पूरा, हतोत्साहित हो रहे हैं खिलाड़ी

वर्ष 2011 में ग्रामसभा की बैठक में ननकट्ठी में मिनी स्टेडियम के लिए संरक्षित की गई थी 5 एकड़ जमीन, अब तक नहीं हुआ निर्माण

ग्राम पंचायत ननकट्ठी में पिछले 14 वर्षों से एक मांग को लेकर दर-दर भटक रही है- एक मिनी स्टेडियम। गांव की युवा ऊर्जा, खेल प्रतिभाएं और सामुदायिक उत्साह सब कुछ है, लेकिन खेल के लिए कोई संरचित मंच नहीं। शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते यह मांग अब गांववासियों की नाराजगी में बदल चुकी है।

01

2011 से बन रहा सपना, स्टेडियम की जमीन आज भी वीरान

25 अप्रैल 2011 को ग्रामसभा की बैठक में खसरा नंबर 329 और 330 की लगभग 5 एकड़ भूमि को मिनी स्टेडियम के लिए सुरक्षित किया था। लेकिन 2025 तक यह मैदान किसी निर्माण का साक्षी नहीं बन पाई। न तो कोई बजट आया, न कोई योजना मंजूर हुई। सरकारी फाइलें धूल खा रही हैं और ग्रामीणों की उम्मीदें धीरे-धीरे दम तोड़ रही हैं।

लगातार सौंपे गए ज्ञापन, हर सरकार रही मौन

– 7 फरवरी 2013: तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को तत्कालीन सरपंच श्रीमती भुनेश्वरी वर्मा, पंच व ग्रामीणों ने सौंपा था मांग पत्र

– 2016: तत्कालीन सरपंच श्रीमती केशर गौर ने मांग दोहराई

– 13 अप्रैल 2025: वर्तमान सरपंच श्रीमती सुशील साहू ने विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को मांग पत्र सौंपा 

खिलाड़ियों की उम्मीदें टूट रहीं, सपनों का दम घुट रहा

– गांव के युवाओं में खेल के प्रति उत्साह है। क्रिकेट, कबड्डी, खो-खो जैसे खेलों में कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने की क्षमता रखते हैं। लेकिन स्टेडियम नहीं होने से न तो अभ्यास संभव है, न प्रतियोगिताएं। न प्रशिक्षक, न सुविधा -सिर्फ़ इच्छाशक्ति है, जो अब थक रही है।

सुविधाओं से सम्पन्न, फिर भी खेल के लिए खाली

ननकट्ठी में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बैंक, डाकघर, विद्युत कार्यालय, सहकारी समिति, बाजार जैसी सभी आधारभूत सुविधाएं मौजूद हैं। 1914 से संचालित प्राथमिक शाला भी इसका ऐतिहासिक गौरव है। लेकिन जब बात खेल की आती है, तो पूरा गांव सिर्फ़ एक अधूरी मांग के साथ खड़ा दिखता है।

प्रतिभाओं को मंच मिल सके

श्रीमती सुशील साहू, सरपंच, ग्राम पंचायत ननकट्ठी कहती हैं – “गांव के बच्चों में खेलों के प्रति गहरा रुझान है। लंबे समय से मिनी स्टेडियम की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि प्रतिभाओं को मंच मिल सके।”

बलराम साहू, पूर्व उपसरपंच, कहते हैं – “हमने वर्षों से स्टेडियम की मांग की है। अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। सरकार को अब ठोस कदम उठाना चाहिए।”

योगेश पटेल, जेसीसी क्रिकेट टीम के कप्तान, कहते हैं – “गांव में एकमात्र मैदान पर कई बार अवैध कब्ज़े की कोशिश हुई, लेकिन हमने मिलकर उसे हटवाया। यह संघर्ष स्टेडियम की जरूरत को और गहराता है।”

पिछले दो दशक में तीन बार हटाया गया अतिक्रमण

– 2001: तत्कालीन सरपंच मनहरण लाल निषाद ने अतिक्रमण हटवाया
– 2005: तत्कालीन सरपंच राधेश्याम यादव ने मैदान को सीमेंट पोल और कांटेदार तार से घेरा

Untitled 1

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!